“तुम्हारा शहर, तुम्ही कातिल, तुम ही मुद्दई, तुम ही मुनसिफ, हमें यकीन है हमारा ही कसूर निकलेगा”

अररिया गैंग रेप विक्टिम की पहचान जाहिर करने वाले पत्रकार के शक्ति प्रदर्शन मे न्यायपालिका की भूमिका Continue reading “तुम्हारा शहर, तुम्ही कातिल, तुम ही मुद्दई, तुम ही मुनसिफ, हमें यकीन है हमारा ही कसूर निकलेगा”

पीड़िता की पहचान उजागर करने मे शामिल दो कथित अधिवक्ता सह पत्रकार की संदिग्ध भूमिका क्या ” Quid pro quo ” है?

जिस प्रकार इन खबरों को प्लांट किया गया है वह देखकर लगता है जैसे इस केस के आड़ में सामूहिक बलात्कार के आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही हो Continue reading पीड़िता की पहचान उजागर करने मे शामिल दो कथित अधिवक्ता सह पत्रकार की संदिग्ध भूमिका क्या ” Quid pro quo ” है?