अपने अस्तित्व को बचाने के जद्दोजहद में अररिया जिले के आत्मनिर्भर ग्रामवासी

नदी के कटाव में चार बार अपना घर गंवा चुके अजय कुमार दास कहते हैं ” यह केवल एक सड़क का मुद्दा बिल्कुल भी नहीं है, यह हमारे अस्तित्व, विस्थापन, रोजगार के लिए पलायन का मुद्दा है।”

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“तुम्हारा शहर, तुम्ही कातिल, तुम ही मुद्दई, तुम ही मुनसिफ, हमें यकीन है हमारा ही कसूर निकलेगा”

अररिया गैंग रेप विक्टिम की पहचान जाहिर करने वाले पत्रकार के शक्ति प्रदर्शन मे न्यायपालिका की भूमिका Continue reading “तुम्हारा शहर, तुम्ही कातिल, तुम ही मुद्दई, तुम ही मुनसिफ, हमें यकीन है हमारा ही कसूर निकलेगा”

पीड़िता की पहचान उजागर करने मे शामिल दो कथित अधिवक्ता सह पत्रकार की संदिग्ध भूमिका क्या ” Quid pro quo ” है?

जिस प्रकार इन खबरों को प्लांट किया गया है वह देखकर लगता है जैसे इस केस के आड़ में सामूहिक बलात्कार के आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही हो Continue reading पीड़िता की पहचान उजागर करने मे शामिल दो कथित अधिवक्ता सह पत्रकार की संदिग्ध भूमिका क्या ” Quid pro quo ” है?

बलात्कार पीड़िता को बदनाम करने के मकसद मे लिप्त देश के दो प्रमुख अखबार

यह सीधे तौर पर भारतीय दंड संहिता 228A के तहत एक कानूनन जुर्म है, इसके अनुसार किसी बलात्कार पीड़ित से जुड़ी खबर/ जानकारी/सूचना देते हुए उसकी निजता भंग नहीं किया जा सकता, ऐसा करना अपराध की श्रेणी मे माना जाएगा Continue reading बलात्कार पीड़िता को बदनाम करने के मकसद मे लिप्त देश के दो प्रमुख अखबार